राजस्थानी आभूषण - शरीर के विभिन्न अंगों के अनुसार
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06 Jul 2026
Rajasthan GK
राजस्थानी महिलाओं द्वारा धारण किए जाने वाले पारंपरिक आभूषण — मस्तक, कान, नाक, गला, बाजू, कलाई, कमर, पैर आदि के अनुसार वर्गीकरण।
Key Points
- टीका/बोरला — मस्तक पर पहना जाने वाला आभूषण
- नथ — नाक में पहना जाने वाला सबसे प्रमुख आभूषण
- हंसली — गले का विशेष आभूषण (स्वान के आकार का)
- बाजूबंध — बाजू पर पहना जाने वाला आभूषण
- करधनी — कमर में पहनी जाने वाली आभूषण
- बिछिया — पैर की अंगुलियों में पहना जाने वाला आभूषण
राजस्थानी आभूषण (शरीर के अनुसार वर्गीकरण)
| क्रम | शरीर का अंग | आभूषण |
|---|---|---|
| 1 | मस्तक (सिर) | टीका, बोरला, मांग टीका, सांकली, खैंचा, शीशफूल |
| 2 | कान | कर्णफूल, डुमका, टोपस, कुंडल, बाली, सुरलिया, लूंग, पत्ती |
| 3 | नाक | नथ, नथनी, कांटा, भोगली, लौंग |
| 4 | गला | मटरमाला, हंसली, हार, कंठी, तिमणियां, पंचलड़ी, जंजीर |
| 5 | बाजू (भुजा) | बाजूबंध, बट्टा, तकया, ठड्डा, तकमा |
| 6 | कलाई (हाथ) | कंगण, चूंग, चूड़ी, बंद, पूंचियां, हथफूल, बंगड़ी, पड़ेली |
| 7 | अंगुलियाँ | अंगूठी, छल्ला, मूंदड़ी |
| 8 | कमर | करधनी, कणकती, तागड़ी |
| 9 | पैर | पायल, पैजणियां, पाजेब, कड़ा |
| 10 | पैर की अंगुलियाँ | बिछिया |
विशेष आभूषण: बोरला (मस्तक), कर्णफूल (कान), हंसली (गले का विशेष आभूषण), बाजूबंध (बाजू), करधनी (कमर)