राजस्थान कृषि एवं पशुपालन - संपूर्ण जानकारी
Table of Contents
- राजस्थान में कृषि की स्थिति
- कृषि की मुख्य विशेषताएं
- राजस्थान की प्रमुख फसलें
- खरीफ फसलें
- रबी फसलें
- जायद फसलें
- राजस्थान की सिंचाई व्यवस्था
- सिंचाई के मुख्य साधन
- प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं
- राजस्थान में पशुपालन
- पशुधन की स्थिति
- मुख्य पशु
- राजस्थान की प्रमुख पशु नस्लें
- डेयरी विकास
- राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF)
- प्रमुख डेयरी केंद्र
- कृषि और पशुपालन की समस्याएं
- मुख्य समस्याएं
- सरकारी योजनाएं और नीतियां
- कृषि विकास हेतु योजनाएं
- पशुपालन विकास योजनाएं
Key Points
- राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है जहाँ कृषि की 60% भूमि उपलब्ध है
- बाजरा राजस्थान की मुख्य खरीफ फसल है जबकि गेहूं मुख्य रबी फसल है
- इंदिरा गांधी नहर परियोजना राज्य की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है
- राजस्थान बकरी और भैंस की संख्या में देश में प्रथम स्थान रखता है
- सरस ब्रांड के तहत राज्य में डेयरी विकास तीव्र गति से हो रहा है
राजस्थान में कृषि की स्थिति
राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है जो कुल क्षेत्रफल का 10.4% भाग रखता है। राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। यहाँ की भौगोलिक स्थिति, जलवायु और मिट्टी की विविधता के कारण विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन होता है।
कृषि की मुख्य विशेषताएं
- राज्य का कुल क्षेत्रफल: 3,42,239 वर्ग किमी
- कुल कृषि योग्य भूमि: लगभग 60%
- शुद्ध बोया गया क्षेत्र: 166 लाख हेक्टेयर
- सिंचित क्षेत्र: 38% (लगभग)
- वर्षा आधारित कृषि: 62%
राजस्थान की प्रमुख फसलें
खरीफ फसलें
खरीफ की फसलें मानसून के साथ (जून-जुलाई) बोई जाती हैं और अक्टूबर-नवंबर में काटी जाती हैं।
- बाजरा: राजस्थान का मुख्य खाद्यान्न, जोधपुर, नागौर, पाली में प्रमुख उत्पादन
- ज्वार: उदयपुर, कोटा, बूंदी में मुख्य उत्पादन
- मक्का: उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर में प्रमुख
- धान: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बांसवाड़ा में उत्पादन
- कपास: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ में व्यापक उत्पादन
- मूंगफली: बीकानेर, जैसलमेर में प्रमुख
रबी फसलें
रबी की फसलें नवंबर-दिसंबर में बोई जाती हैं और मार्च-अप्रैल में काटी जाती हैं।
- गेहूं: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर में मुख्य उत्पादन
- जौ: जयपुर, अलवर, भरतपुर में प्रमुख
- चना: भीलवाड़ा, टोंक, अजमेर में उत्पादन
- सरसों: भरतपुर, अलवर, करौली में मुख्य
- मटर: जयपुर आसपास के क्षेत्रों में
जायद फसलें
- तरबूज, खरबूजा: बीकानेर, जैसलमेर
- कद्दू, लौकी: नदी किनारे के क्षेत्र
- चारा फसलें: पशुओं के लिए
राजस्थान की सिंचाई व्यवस्था
सिंचाई के मुख्य साधन
| सिंचाई का साधन | प्रतिशत | मुख्य क्षेत्र |
|---|---|---|
| नहरें | 32% | श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ |
| नलकूप/ट्यूबवेल | 58% | पूर्वी राजस्थान |
| तालाब | 5% | दक्षिणी राजस्थान |
| कुएं | 5% | विभिन्न क्षेत्र |
प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं
- इंदिरा गांधी नहर परियोजना: सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना
- चंबल परियोजना: कोटा, बूंदी, करौली
- माही परियोजना: बांसवाड़ा, डूंगरपुर
- भाखड़ा नांगल परियोजना: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़
राजस्थान में पशुपालन
पशुधन की स्थिति
राजस्थान में पशुपालन कृषि के साथ-साथ मुख्य व्यवसाय है। 2019 की पशुगणना के अनुसार राजस्थान में कुल पशुधन संख्या लगभग 5.68 करोड़ है।
मुख्य पशु
- गाय: 1.37 करोड़ (देश में दूसरा स्थान)
- भैंस: 1.30 करोड़ (देश में पहला स्थान)
- बकरी: 2.07 करोड़ (देश में पहला स्थान)
- भेड़: 74 लाख (देश में दूसरा स्थान)
- ऊंट: 2.13 लाख (देश में पहला स्थान)
राजस्थान की प्रमुख पशु नस्लें
गाय की नस्लें
- गीर: अजमेर, उदयपुर क्षेत्र
- राठी: बीकानेर, श्रीगंगानगर क्षेत्र
- हरियाणा: अलवर, भरतपुर क्षेत्र
- नागौरी: नागौर, जोधपुर क्षेत्र
भैंस की नस्लें
- मुर्रा: उत्तरी राजस्थान
- जाफराबादी: पश्चिमी राजस्थान
- सुर्ती: दक्षिणी राजस्थान
बकरी की नस्लें
- मारवाड़ी: पश्चिमी राजस्थान की स्थानीय नस्ल
- बारबरी: पूर्वी राजस्थान
- जमुनापारी: दूध उत्पादन में उत्कृष्ट
डेयरी विकास
राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF)
राजस्थान में डेयरी विकास के लिए राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन की स्थापना 1977 में की गई।
- मुख्यालय: जयपुर
- ब्रांड नाम: सरस
- दूध उत्पादन: 199 लाख लीटर प्रतिदिन (लगभग)
- राष्ट्रीय स्तर पर स्थान: दूसरा (दूध उत्पादन में)
प्रमुख डेयरी केंद्र
- जयपुर डेयरी (सबसे बड़ी)
- अजमेर डेयरी
- उदयपुर डेयरी
- बीकानेर डेयरी
कृषि और पशुपालन की समस्याएं
मुख्य समस्याएं
- जल की कमी: अनियमित वर्षा और भूजल स्तर में गिरावट
- मरुस्थलीकरण: पश्चिमी राजस्थान में बढ़ता रेगिस्तान
- छोटी जोतें: औसत जोत का आकार 3.96 हेक्टेयर
- पारंपरिक तकनीक: आधुनिक कृषि तकनीक का धीमा विकास
- बाजार की समस्या: उचित विपणन व्यवस्था का अभाव
सरकारी योजनाएं और नीतियां
कृषि विकास हेतु योजनाएं
- मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना: कृषि बिजली सब्सिडी
- राजीव गांधी किसान न्याय योजना: किसानों को वित्तीय सहायता
- कृषि उपकरण अनुदान योजना: आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी
- बीज मिनी किट वितरण: गुणवत्तापूर्ण बीजों का वितरण
पशुपालन विकास योजनाएं
- राष्ट्रीय पशुधन मिशन: पशुधन विकास हेतु
- राष्ट्रीय डेयरी विकास योजना: डेयरी सेक्टर का विकास
- पशु बीमा योजना: पशुओं का बीमा
- कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम: नस्ल सुधार हेतु