My Cart
Your Cart 0

    Your cart is empty.

  • Total (Amount) ₹0.00
Topics
राजस्थान एक दृष्टि में - सम्पूर्ण स... राजस्थान का इतिहास - प्रागैतिहासिक... मेवाड़ का गुहिल/सिसोदिया वंश - सम्प... राठौड़ व कछवाहा वंश - मारवाड़, बीका... राजस्थान के प्रमुख राजपूत वंश - चौह... राजपूताना में मराठा व ब्रिटिश प्रवे... राजस्थान में किसान एवं जनजातीय आंदो... 1857 की क्रांति में राजस्थान का योग... राजस्थान के इतिहास की प्रमुख घटनाएँ... राजस्थान के प्रमुख नगरों के प्राचीन... राजस्थान के प्रमुख चर्चित ऑपरेशन्स... राजस्थान महत्वपूर्ण तथ्य - परीक्षा... राजस्थान का एकीकरण - 7 चरण, तिथियाँ... राजस्थान के संभाग एवं जिले 2024 - स... राज्य का मुख्य सचिव एवं जिला प्रशास... पंचायती राज व 73वाँ संविधान संशोधन... राजस्थान की राजव्यवस्था - राज्यपाल,... राजस्थान की स्थिति, जलवायु, नदियाँ... राजस्थान की मिट्टियाँ व जल संरक्षण... राजस्थान जनगणना 2011 - जनसंख्या, सा... राजस्थान की नदियाँ व नदी घाटी परियो... राजस्थान की झीलें व सिंचाई के साधन... राजस्थान की अर्थव्यवस्था - उद्योग,... राजस्थान के खनिज संसाधन व खनन क्षेत... राजस्थान में श्रम एवं रोजगार योजनाए... राजस्थान निर्यात एवं आयात - प्रमुख... VB-G RAM G Act 2025 - नया ग्रामीण र... राजस्थान के प्रमुख उद्योग एवं खनिज राजस्थान उद्योग - 100+ महत्वपूर्ण त... राजस्थान के प्रमुख किले एवं उनके नि... राजस्थान के प्रमुख संग्रहालय राजस्थानी चित्रकला (शैलियाँ एवं कला... राजस्थानी आभूषण - शरीर के विभिन्न अ... राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त राजस्थान... राजस्थान के प्रमुख मेले, त्योहार एव... राजस्थान के लोक नृत्य, वाद्य यंत्र,... राजस्थान के प्रमुख धार्मिक संप्रदाय राजस्थान के लोकदेवता, स्थान, वाहन ए... राजस्थानी हस्तशिल्प - वस्तुएँ, स्था... राजस्थान कला एवं संस्कृति - 100+ मह... राजस्थान परिवहन, डाक एवं संचार - सड... राजस्थान की जातियाँ एवं जनजातियाँ राजस्थान कृषि एवं पशुपालन - संपूर्ण... राजस्थान पुरस्कार, समाचार पत्र एवं... राजस्थान पर्यटन, प्रथम व्यक्ति एवं...

राजस्थान में किसान एवं जनजातीय आंदोलन

1 min read 57 views 06 Jul 2026 Rajasthan GK
राजस्थान के प्रमुख किसान, जनजातीय एवं प्रजामंडल आंदोलन, महत्वपूर्ण संस्थाएँ और स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख समाचार-पत्रों की पूरी जानकारी।
Key Points
  • बिजौलिया किसान आंदोलन (भीलवाड़ा) का नेतृत्व मुख्य रूप से विजय सिंह पथिक ने किया और यह तीन चरणों में चला।
  • महात्मा गांधी ने अलवर के नीमूचाणा हत्याकांड (14 मई, 1925) को 'जलियाँवाला बाग हत्याकांड से भी वीभत्स' बताया था।
  • गोविंद गुरु ने 1903 ई. में 'सम्प सभा' की स्थापना की, जो भील जनजातीय आंदोलन का मुख्य आधार बनी।
  • मोतीलाल तेजावत ने 1921 ई. में 'एकी आंदोलन' का सूत्रपात किया, जिन्हें 'मेवाड़ का गांधी' भी कहा जाता है।
  • जयपुर प्रजामंडल की स्थापना सर्वप्रथम 1931 ई. में कपूरचंद पाटनी द्वारा की गई थी।
  • जयनारायण व्यास द्वारा संपादित 'आगीबाण' (1932) राजस्थानी भाषा का प्रथम राजनीतिक समाचार-पत्र था।

राजस्थान में किसान आंदोलन

बिजौलिया किसान आंदोलन

बिजौलिया वर्तमान में भीलवाड़ा जिले में स्थित है, जो मेवाड़ राज्य में प्रथम श्रेणी का ठिकाना था। यहाँ के कृषकों में अधिकांश धाकड़ जाति के लोग थे। इस आंदोलन का अध्ययन तीन चरणों में किया जाता है:

  • प्रथम चरण (1897 ई. से 1915 ई.): स्थानीय नेतृत्व द्वारा संचालित।
  • द्वितीय चरण (1915 ई. से 1923 ई.): विजय सिंह पथिक द्वारा नेतृत्व संभाला गया।
  • तीसरा चरण (परभाव काल): जो 1941 ई. में समाप्त हुआ।

इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य जागीरदारों द्वारा लगाए गए ऊँचे लगान (भूमिकर), लाग-बाग और बेगार प्रथा के विरुद्ध न्याय प्राप्त करना था।

बेगूं किसान आंदोलन, मेवाड़ (1921 ई.)

बिजौलिया आंदोलन से प्रेरणा पाकर बेगूं के किसानों ने रामनारायण चौधरी के नेतृत्व में 1921 ई. में आंदोलन शुरू किया। बेगूं के ठाकुर अनूप सिंह एवं राजस्थान सेवा संघ के मध्य एक समझौता हुआ, जिसे 'बोल्शेविक समझौते' की संज्ञा दी गई।

भरतपुर किसान आंदोलन

भरतपुर राज्य में 1931 ई. में नया भूमि बन्दोबस्त लागू होने से भू-राजस्व में भारी वृद्धि हुई। इसके विरोध में 23 नवम्बर, 1931 को 'भोजी लम्बरदार' के नेतृत्व में 500 किसान भरतपुर में एकत्रित हुए। नवम्बर, 1931 में भोजी लम्बरदार की गिरफ्तारी के बाद यह आंदोलन समाप्त हो गया।

मेव किसान आंदोलन

अलवर और भरतपुर क्षेत्र में मोहम्मद हादी ने 1932 ई. में 'अन्जुमन खादिम उल इस्लाम' नामक संस्था स्थापित कर इस आंदोलन को संगठित रूप दिया। इसका नेतृत्व गुड़गांव के 'चौधरी यासीन खान' द्वारा किया गया, जिनके कहने पर किसानों ने खरीफ फसल का लगान देना बंद कर दिया था।

अलवर किसान आंदोलन एवं नीमूचाणा हत्याकांड

अलवर रियासत में जंगली सुअरों को मारने पर पाबंदी थी, जो किसानों की खड़ी फसल बर्बाद करते थे। इसके विरोध में 1921 ई. में आंदोलन शुरू हुआ और अंततः सरकार ने सुअर मारने की इजाजत दे दी।

नीमूचाणा हत्याकांड: 1923-24 में महाराजा जयसिंह ने लगान की दरें बढ़ा दीं। इसके विरोध में 14 मई, 1925 को अलवर के नीमूचाणा गाँव में एकत्रित हुए लगभग 800 किसानों पर सैनिक बलों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। महात्मा गांधी ने इस कांड को 'जलियाँवाला बाग हत्याकांड से भी वीभत्स' (डायरवाद से गहरा एवं व्यापक) कहा।

बूंदी किसान आंदोलन

अप्रैल, 1922 ई. में बूंदी राज्य के बरड़ क्षेत्र के किसानों ने बूंदी प्रशासन के विरुद्ध आंदोलन शुरू किया। इसका नेतृत्व राजस्थान सेवा संघ के कर्मठ कार्यकर्ता नैनूराम शर्मा के हाथों में था।

जयपुर किसान आंदोलन

जयपुर रियासत में किसान आंदोलन का मूल केन्द्र पश्चिमी भाग में स्थित शेखावटी, तोरावटी, साँभर, सीकर और खेतड़ी के ठिकाने थे। सीकर व शेखावटी के दीर्घकालीन किसान संघर्ष का अंत मार्च, 1947 ई. में जयपुर में हीरालाल शास्त्री के नेतृत्व में लोकप्रिय सरकार के गठन के साथ हुआ।

मारवाड़ किसान आंदोलन

मई, 1938 ई. में मारवाड़ लोक परिषद की स्थापना हुई, जिसने किसानों की माँगों का जोरदार समर्थन किया। जागीरदारों के दमन के बावजूद यह आंदोलन 1947 ई. तक जारी रहा।

बीकानेर किसान आंदोलन

सीमा से जुड़े सीकर क्षेत्र और शेखावटी के जाट आंदोलनों का बीकानेर राज्य के जाट किसानों पर व्यापक प्रभाव पड़ा। बीकानेर के अनेक जाट प्रतिनिधियों ने 20 से 29 जनवरी, 1934 ई. को सीकर में आयोजित विशाल जाट प्रजापति महायज्ञ में भाग लिया। इस आंदोलन के प्रमुख नेता हनुमानसिंह थे।

---

जनजातीय आंदोलन

1. भील आंदोलन

  • प्रभावित क्षेत्र: मेवाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही।
  • अवधि: 1881 ई., 1913 ई. व 1921-22 ई.
  • प्रमुख नेता: सुर्जी भगत, गोविन्द गुरु (1903 में 'सम्प सभा' की स्थापना) और मोती लाल तेजावत (उपनाम: मेवाड़ का गांधी, जिन्होंने 1921 में एकी आंदोलन का सूत्रपात किया)।
  • नारा: मारेंगे या मरेंगे।

2. मीना आंदोलन

  • प्रभावित क्षेत्र: अलवर, भरतपुर, दक्षिणी जयपुर।
  • अवधि: 1924-52 ई. (कुल 28 वर्ष)
  • प्रमुख नेता: छोटूलाल झरबाला, महादेव राम पवड़ी, जवाहर राम।
---

राजस्थान के प्रमुख आंदोलन एवं प्रजामंडल

प्रमुख आंदोलनों की सारणी

आंदोलन वर्ष नेतृत्व
जाट किसान आंदोलन, मातृकुण्डिया 1880 जाट किसान
भगत आंदोलन 1883 गुरु गोविन्द गिरि
बिजौलिया किसान आंदोलन 1917 विजयसिंह पथिक, माणिक्यलाल वर्मा, रामनारायण चौधरी
एकी या भोमट भील आंदोलन 1920 मोतीलाल तेजावत
मारवाड़ का तौल आंदोलन 1920-21 चान्दमल सुराणा
मारवाड़ का कृषक आंदोलन 1923 जयनारायण व्यास
नीमूचाणा किसान आंदोलन 1925 मेव किसान
शेखावटी किसान आंदोलन 1925 रामनारायण चौधरी, नेतराम सिंह
बूंदी किसान आंदोलन 1926 नयनूराम शर्मा
शुद्धि आंदोलन 1928 ठाकुर देशराज
बीकानेर षड्यन्त्र अभियोग 1931 चन्दनमल बहड़
मेव किसान आंदोलन 1923 डॉ. मोहम्मद अली
मीणा आंदोलन 1945 ठक्कर बापा
बीकानेर किसान आंदोलन 1946 कुम्भाराम आर्य
डाबड़ा काण्ड, डीडवाना 1947 मथुरादास माथुर, मोतीलाल चौधरी
रास्तापाल काण्ड, डूंगरपुर 1947 नानाभाई खांट, कालीबाई

प्रजामंडल आंदोलन सारणी

प्रजामंडल का नाम स्थापना संस्थापक/अध्यक्ष प्रजामंडल का नाम स्थापना संस्थापक/अध्यक्ष
जयपुर प्रजामंडल 1931 कपूंरचन्द पाटनी (1936-37 जमनालाल बजाज) अलवर राज्य प्रजामंडल 1938 हरिनारायण शर्मा
बूंदी प्रजामंडल 1931 कांतिलाल सिरोही प्रजामंडल 1939 गोकुलभाई भट्ट
मारवाड़ प्रजामंडल 1934 भँवरलाल सर्राफ करौली प्रजामंडल 1939 त्रिलोकचन्द माथुर
कोटा राज्य प्रजामंडल 1934 नयनूराम शर्मा जैसलमेर राज्य प्रजा परिषद 1939 शिवशंकर गोपा
बीकानेर राज्य प्रजामंडल 1936 मघाराम वैद्य किशनगढ़ प्रजामंडल 1939 कांतिलाल चौथानी
धौलपुर प्रजामंडल 1936 कृष्णदत्त पालीवाल बीकानेर राज्य प्रजा परिषद 1942 रघुवरदयाल गोयल
मेवाड़ प्रजामंडल 1938 बलवन्त सिंह मेहता कुशलगढ़ प्रजामंडल 1942 भँवरलाल निगम
मारवाड़ लोकपरिषद 1938 रणछोड़दास गट्टानी बांसवाड़ा प्रजामंडल 1943 भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी
भरतपुर प्रजामंडल 1938 गोपीलाल यादव बूंदी राज्य लोकपरिषद 1944 हरिमोहन माथुर
शाहपुरा प्रजामंडल 1938 रमेशचन्द्र ओझा डूंगरपुर प्रजामंडल 1944 भोगीलाल पण्ड्या
जैसलमेर राज्य प्रजामंडल 1945 मीठालाल व्यास प्रतापगढ़ प्रजामंडल 1945 चुन्नीलाल एवं अमृतलाल
झालावाड़ प्रजामंडल 1946 मांगीलाल भव्य - - -
---

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्थापित संस्थाएँ

संस्था वर्ष संस्थापक
सम्प सभा 1883 गुरु गोविन्द गिरि
सर्वहितकारिणी सभा, बीकानेर 1907 कन्हैयालाल ढूँढ एवं स्वामी गोपालदास
वर्धमान विद्यालय समिति, जयपुर 1907 अर्जुनलाल सेठी
हिन्दी साहित्य समिति, भरतपुर 1912 जगन्नाथ सेठी
ऊपरमाल पंच बोर्ड, बिजौलिया 1917 विजयसिंह पथिक
मारवाड़ सेवा संघ, जोधपुर 1920 चान्दमल सुराणा
राजस्थान सेवा संघ, अजमेर 1920 अर्जुनलाल सेठी, केसरीसिंह बारहठ, रामनारायण चौधरी, हरिभाऊ किंकर और विजयसिंह पथिक
नागरी प्रचारिणी सभा, धौलपुर 1934 माणिक्यलाल वर्मा
राजपूताना मध्य भारत सभा जमनालाल बजाज की अध्यक्षता में
वीर भारत समाज विजयसिंह पथिक
सर्व सेवा संघ सिद्धराज ढड्ढा
बागड़ सेवा संघ, डूंगरपुर 1935 गौरीशंकर उपाध्यक्ष और भोगीलाल पण्ड्या
सेवा संघ भोगीलाल पण्ड्या
हरिजन सेवा समिति, डूंगरपुर 1935 भोगीलाल पण्ड्या
भील सेवा मण्डल विट्ठलदास ठाकुर
---

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान प्रकाशित प्रमुख समाचार-पत्र

समाचार-पत्रों के नाम वर्ष स्थान संपादक
राजस्थान समाचार (साप्ताहिक) 1889 अजमेर मुंशी समर्थदानदान
राजस्थान केसरी (दैनिक) 1920 वर्धा विजयसिंह पथिक
नवीन राजस्थान (साप्ताहिक) 1921 अजमेर विजयसिंह पथिक (बाद में नाम बदलकर तरुण राजस्थान किया गया)
राजस्थान 1923 ब्यावर ऋषिदत्त मेहता
आगीबाण 1932 ब्यावर जयनारायण व्यास (राजस्थानी भाषा का प्रथम राजनीतिक समाचार-पत्र)
नवज्योति (साप्ताहिक) 1936 अजमेर रामनारायण चौधरी
प्रजासेवक (साप्ताहिक) जोधपुर अचलेश्वर प्रसाद शर्मा
राजपूताना गजट अजमेर मौलवी मुराद अली
राजस्थान टाइम्स (अंग्रेजी में) जयपुर वासुदेव शर्मा
जयपुर समाचार (दैनिक) 1942 जयपुर श्यामलाल वर्मा
लोकवाणी (साप्ताहिक) 1943 जयपुर देवीशंकर तिवारी
Share: WhatsApp Telegram
ExamWise App
Facebook WhatsApp Support